परीक्षार्थी नामांकन वर्गीकरण
नियमित (संस्थागत छात्र)
मान्यता प्राप्त परीक्षा केंद्र पर नामांकित विद्यार्थी, जिनकी केंद्राध्यक्ष द्वारा प्रमाणित 75% क्रियात्मक और सैद्धांतिक उपस्थिति अनिवार्य है।
व्यक्तिगत परीक्षार्थी (Private)
स्वतंत्र गुरुओं के सान्निध्य में अध्ययनरत साधक गुरु द्वारा प्रदत्त साधना प्रमाण-पत्र प्रस्तुत कर संगीत विशारद तक व्यक्तिगत रूप से परीक्षा दे सकते हैं।
पार्श्व प्रवेश (Lateral Transfers)
प्रयाग संगीत समिति या अखिल भारतीय गांधर्व महाविद्यालय मंडल से समकक्ष योग्यता प्राप्त छात्र विशारद या निपुण में प्रवेश हेतु आवेदन कर सकते हैं।
पूरक परीक्षा प्रवेश
एक सैद्धांतिक प्रश्नपत्र में अनुत्तीर्ण परीक्षार्थी आगामी 6 माह के भीतर आयोजित पूरक सत्र में सम्मिलित होकर वर्ष बचा सकते हैं।
उत्तीर्ण मानक एवं प्रदत्त श्रेणियां
| प्रदत्त श्रेणी | कुल आवश्यक प्रतिशत | न्यूनतम क्रियात्मक अंक | न्यूनतम सैद्धांतिक अंक |
|---|---|---|---|
| प्रथम श्रेणी विशिष्ट योग्यता सहित विशिष्ट सम्मान (75%+) |
75.0% एवं अधिक | 75% (150 / 200) | 60% (60 / 100) |
| प्रथम श्रेणी प्रथम श्रेणी (60% से 74.9%) |
60.0% से 74.9% | 50% (100 / 200) | 45% (45 / 100) |
| द्वितीय श्रेणी द्वितीय श्रेणी (48% से 59.9%) |
48.0% से 59.9% | 40% (80 / 200) | 40% (40 / 100) |
| तृतीय श्रेणी / उत्तीर्ण उत्तीर्ण श्रेणी (40% से 47.9%) |
40.0% से 47.9% | 36% (72 / 200) | 36% (36 / 100) |
अंक पुनर्गणना एवं उत्तरपुस्तिका निरीक्षण
1. आवेदन समय-सीमा: लिखित सैद्धांतिक प्रश्नपत्र में अंकों की पुनर्गणना के इच्छुक परीक्षार्थियों को परिणाम घोषणा के 30 दिनों के भीतर केंद्राध्यक्ष के माध्यम से आवेदन करना होगा।
2. निर्धारित शुल्क: प्रति सैद्धांतिक प्रश्नपत्र ₹300 का वैधानिक जांच शुल्क देय है। बाहरी परीक्षकों द्वारा प्रत्यक्ष रूप से परीक्षित क्रियात्मक अंकों की पुनर्गणना नहीं की जा सकती।
3. निवारण समय-सीमा: स्क्रूटनी समिति 21 कार्यदिवसों के भीतर सत्यापित अंक रिपोर्ट प्रेषित करती है। यदि कोई गणना त्रुटि पाई जाती है, तो संशोधित अंकतालिका निःशुल्क जारी की जाती है।