पाठ्यक्रम एवं अध्ययन रूपरेखा
यह पाठ्यक्रम किसके लिए है
तंतु वाद्य सीखने वाले, संगीत प्रेमी और गुरु परंपरा में वाद्य साधना करने के इच्छुक विद्यार्थी।
मुख्य अध्ययन बिंदु
तंत्रकारी तकनीक, मींड, गमक, जोड़-झाला और गत रचनाओं की प्रस्तुति।
आप क्या सीखेंगे
आलाप-जोड़-झाला, मसीतखानी (विलंबित) व रज़ाखानी (द्रुत) गत, जटिल तिहाइयां, दाहिने हाथ के बोल (दा-रा-दिर-दा), और वाद्य संरक्षण।
अभ्यास एवं रियाज़
अंगुलियों की मजबूती, धीमी गति में मींड का शुद्ध अभ्यास, और लहरा के साथ विभिन्न गतियों में स्पष्ट बोल वादन।
परंपरा और विरासत
भारतीय शास्त्रीय तंतु वाद्य धरोहर, जो गायकी अंग की बारीकियों को सुरमयी वाद्य रूप में प्रस्तुत करती है।
परीक्षा एवं मूल्यांकन
तबले की संगत में संपूर्ण आलाप, जोड़, झाला और गत की क्रियात्मक प्रस्तुति एवं मौखिक परीक्षा।
प्रमाण-पत्र
बोर्ड मूल्यांकन मानकों को पूर्ण करने पर वृन्दावन संगीत समिति का प्रमाण-पत्र जारी किया जाता है।
Sitar & Classical String Instruments
VSS-CRS-004
वर्तमान अकादमिक सत्र के लिए संबद्ध केंद्रों और वृन्दावन परिसर में प्रवेश प्रारंभ हैं।
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